Sunday, 13 October 2019

Champaran Satyagraha

चम्पारण सत्याग्रह -1917
1. 19वीं सदी के प्रारम्भ में गोरे बागान  मालिकों ने चम्पारण के किसानों के साथ एक अनुबन्ध किया  जिसके अनुसार किसानों को अपनी जमीन  के 3/20वे हिस्से में नील की खेती करना अनिवार्य था ।इसे  " तीन कठिया पद्वति " कहा जाता था ।
2. नील की खेती से जमीन अनुपजाऊ और बंजर हो जाती थी तथा चावल ,गेहूं और अन्य फसलोन का उत्पादन प्रभावित होती थी ।
3.  राजकुमार शुक्ल एवं उनके साथियों के अनुरोध पर महात्मा गांधी 1916 में चम्पारण पहूँचे और समस्याओं को सुना और सही पाया ।
4.  गांधीजी ने अंग्रेजों से तीन कठिया पद्वति समाप्त करने की मांग की ।
5. गांधी जी के प्रयास से सरकार को एक आयोग का गठन किया  ।
6. आआयोग ने तीन कठिया पद्वति समाप्त कर दिया और अंग्रेजों को अवैध वसूली का 25% का  रकम वापस करना पड़ा ।
7. गांधी जी का देश मे पहला सत्याग्रह चम्पारण सत्याग्रह था जो सफल रहा ।

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