MENU

▼

Saturday, 19 September 2020

इतिहास विषय में ज्यादा अंक कैसे लाये ?

 इतिहास  में ज्यादा अंक कैसे  लाये ?

 व्यक्तिगत विकास  की प्रक्रिया में इतिहास का अच्छा-खासा योगदान है। सीबीएसई , राज्य स्तरीय बोर्ड परिक्षा और सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों को यह विषय बहुत पसंद है। अतीत को वर्तमान की कसौटी पर कसने का और वर्तमान को समझने व बेहतर भविष्य बनाने में सहयोग मिलता है। इतिहास पढ़कर पुरानी गलतियों को न दुहराने का अनुभव मिलता है |

 इतिहास में ज्यादा-से -ज्यादा अंक कैसे प्राप्त किए जाएं,

आइए जानते हैं-

12वीं बोर्ड में इतिहास विषय का नियमित रूप से अध्ययन किया जाए तो इस विषय मे भी 95% से 100% तक अंक आसानी से प्राप्त किए जा सकते हैं। सीबीएसई द्वारा पिछले वर्ष 2013—2014 से 20 अंकों के प्रोजेक्ट कार्य की शुरुआत की गयी है। यह विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान करता है। प्रोजेक्ट तैयार करने से पहले छात्रों को अपने शिक्षक की सहायता लेनी चाहिये। पुस्तकालय जाकर अच्छे लेखकों की पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। छात्रों द्वारा संग्रहालयों, अभिलेखागारों, पुरातत्व और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर अपने प्रोजेक्ट कार्य को पूरा करना चाहिए। इससे प्रोजेक्ट कार्य द्वारा 20 में से 20 अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।


सीबीएसई द्वारा बोर्ड का प्रश्न पत्र 80 अंकों का कर दिया गया है। 12वीं में इतिहास विषय के अध्ययन को तीन भागों में बांटा गया है-
प्राचीन भारत (भाग-1) = 25 अंक
मध्यकालीन भारत (भाग-2 ) = 25 अंक
आधुनिक भारत  ( भाग-3) = 25 अंक
कुल 80
 अंकों का प्रश्न पत्र होगा।    
मानचित्र का प्रश्न =  05 अंक
प्रोजेक्ट कार्य      =  20 अंक  
कुल अंक = 100 अंक  


कैसे करें तैयारी 
परीक्षार्थियों को इतिहास विषय की तैयारी एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही करनी चाहिए। प्रत्येक पाठ के हरेक पंक्तियों को ध्यान पूर्वक अध्ययन करे और महत्वपूर्ण  बिन्दुओं को  पेन्सिल से चिन्हित करे | वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को हल करने में आसानी होगी | NCERTके  अलावा पूरक पुस्तकों का भी अध्ययन करना चाहिए | विगत वर्षों में  पूछे गए प्रश्न पत्रों को भी अभ्यास के तौर पर हल करना चाहिए। ऐसा करने से अपनी कमजोरियों का पता चलता है तथा विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है। बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने में आसानी होती है। छात्रों को चाहिए की कक्षा में जो पढ़ाया जाता है, उसका नियमित रूप से अध्ययन/ रिवीजन करते रहें तथा अपने हिसाब से नोट्स तैयार कर लेने चाहिए। समय-समय पर न्यूज पेपर, मैगजीन तथा टीवी पर इतिहास से संबंधित कार्यकर्मो को देखना न भूलें। प्रश्नों के उत्तर लिख-लिख कर याद करने चाहिए। इससे उत्तर याद होने के साथ-साथ लिखने का भी अभ्यास हो जाता है।


प्रश्न पत्र के विषय में
सीबीएसई द्वारा इतिहास विषय में प्रश्न पत्र के अंकों में वर्ष 2019-2020 से परिवर्तन किया गया है। प्रश्न पत्र में कुल 31  प्रश्न होते हैं, जो 5 खंडों में विभाजित होते हैं। इनको हल करने के लिए छात्रों के पास तीन घंटे होते हैं। प्रश्न पत्र को पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाता है। परीक्षार्थी इस समय का उपयोग स्रेत पर आधारित पैराग्राफ को समझने में लगाएं। प्रश्न पत्र के अंक 80 होंगे और समय मिलेगा 3 घंटे का।


खंड क : इसमें 1 अंकों के 20 प्रश्न होते हैं, जिनका उत्तर एक शब्द अथवा एक वाक्य में  देना होता है | - 20   

 खंड ख :  इसमें 3 अंकों के 4 प्रश्न होते है, जिनका उत्तर 100 शब्दों में देना होता है |                         - 12

खंड  ग : इसमें 8 अंकों के 3 प्रश्न होते है , जिनका उत्तर  350 शब्दों तक देना होता है |                     - 24

खंड घ : इसमें 6 अंकों के 3 प्रश्न होते है , जो स्रोत आधारित प्रश्न होते है |                                        - 18

खंड ड: इसमं 1 अंकों के 6 प्रश्न होते है , जो मानचित्र कार्य से सम्बन्धित होता है |                             - 06


सैद्वान्तिक कार्य अंक   : 80

प्रोजेक्ट कार्य अंक  :     20

कुल अंक :                100


कुछ टिप्स
1. परीक्षा कक्ष में समयानुसार योजना बना कर सभी प्रश्नों को हल करने का लक्ष्य बनाएं।
2. एक प्रश्न को हल करने के बाद दूसरा प्रश्न शुरू करने से पहले गैप जरूर दें।
3. जो प्रश्न आसानी से हल कर सकते हैं, उन्हें पहले करें।
4. शब्द सीमा का ध्यान रखना चाहिए।
5. अपने उत्तर को टू द प्वॉइंट लिखें। 

6. प्रश्नों के उत्तर देते समय मुख्य बिन्दुओं को रेखांकित जरूर करें तथा हेडिंग लगाने से स्पष्ट हो जाता है कि उत्तर में क्या लिखा है। इसका परीक्षक पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
7. मानचित्र में दर्शाये जाने वाले बिन्दुओं को पेंसिल से अंकित करना चाहिए। इससे जरूरत पड़ने पर इन्हें दोबारा सही करने में मदद मिलती है।
8. प्रश्नों के उत्तर बिना पढे़/समझें नहीं लिखने चाहिए। प्रश्न समझ नहीं आने की स्थिति में प्रश्न को हिन्दी एवं अंग्रेजी, दोनों भाषाओं मे पढ़ना चाहिए। 

मुझे विश्वास है कि आपलोगों को यह Article पसंद आया होगा और मै उम्मीद करता हूँ कि आने वाले बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक ला सकेंगे | 

Article  पसंद आया हो तो Comment  जरुर करें |

धन्यवाद 

No comments:

Post a Comment

M. PRASAD
Contact No. 7004813669
VISIT: https://www.historyonline.co.in
मैं इस ब्लॉग का संस्थापक और एक पेशेवर ब्लॉगर हूं। यहाँ पर मैं नियमित रूप से अपने पाठकों के लिए उपयोगी और मददगार जानकारी शेयर करती हूं। Please Subscribe & Share